तुम पानी पर पत्थर मारो,
लाठी मारो, गोली मारो,
पानी नहीं मरेगा,
पानी को आग मार सकती है
और आग
तुम्हारे भीतर है ही नहीं ।
- प्रभुदयाल खट्टर
हम उस जीवन की कल्पना भी नहीं करते जो हम प्रेम हो जाने के बाद जीते हैं। -प्रभुदयाल खट्टर