अपनी थाली में
परोसा खाना खाइए,
दूसरे की थाली
आपको दी जाएगी,
सिर्फ इसलिए
कि आप,
अपनी थाली पर से
कब्जा छोड़ दें ।
- प्रभुदयाल खट्टर
हम उस जीवन की कल्पना भी नहीं करते जो हम प्रेम हो जाने के बाद जीते हैं। -प्रभुदयाल खट्टर
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