Tuesday, June 14, 2022

लेकिन दिमाग में

 यह सच है कि जो कपड़े 

हम पहनते हैं 

उसमें, सिर्फ दो या चार 

जेबें ही होती हैं, 

लेकिन दिमाग में, 

दो या चार सौ जेबों से कम 

जेबें नहीं होती, 

या दो या चार हजार  जेबें  

होना भी संभव है ।

- प्रभुदयाल खट्टर

प्रेम

 हम उस जीवन की  कल्पना भी  नहीं करते  जो हम  प्रेम हो जाने के बाद  जीते हैं।  -प्रभुदयाल खट्टर