यह सच है कि जो कपड़े
हम पहनते हैं
उसमें, सिर्फ दो या चार
जेबें ही होती हैं,
लेकिन दिमाग में,
दो या चार सौ जेबों से कम
जेबें नहीं होती,
या दो या चार हजार जेबें
होना भी संभव है ।
- प्रभुदयाल खट्टर
हम उस जीवन की कल्पना भी नहीं करते जो हम प्रेम हो जाने के बाद जीते हैं। -प्रभुदयाल खट्टर