कभी समय निकाल कर,
तुम बैठ कर
आसमान को देखा करो,
और सोचो कि
आसमान,
आसमान में क्यों है?
- प्रभुदयाल खट्टर
हम उस जीवन की कल्पना भी नहीं करते जो हम प्रेम हो जाने के बाद जीते हैं। -प्रभुदयाल खट्टर
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