हमारे बच्चे ढेर सारी
किताबों से डरे हुए हैं,
चलो अब नए
स्कूल खोलें जिसमें हों
सिर्फ मैदान खेल के ।
- प्रभुदयाल खट्टर
हम उस जीवन की कल्पना भी नहीं करते जो हम प्रेम हो जाने के बाद जीते हैं। -प्रभुदयाल खट्टर
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