जिन शिक्षकों ने
मुझे कविता
लिखना सिखाया,
वे थे फूल,
नदियाँ, आसमान
और हाँ,
इन सबसे पहले तुम ।
- प्रभुदयाल खट्टर
हम उस जीवन की कल्पना भी नहीं करते जो हम प्रेम हो जाने के बाद जीते हैं। -प्रभुदयाल खट्टर
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