Tuesday, June 14, 2022

प्रेम

 हम उस जीवन की 

कल्पना भी 

नहीं करते जो हम 

प्रेम हो जाने के बाद 

जीते हैं।

 -प्रभुदयाल खट्टर

जो मैने देखा।

 स्कूलों ने 

दुनिया के बारे में 

वह सब बताया ही 

नहीं था ,

जो मैने देखा। 

-प्रभुदयाल खट्टर

बूढ़े लोग

 यदि आपसे यह कहा जाए कि 

जो कुछ भी निरर्थक है 

उसे फेंक दो,

जवान लोग शायद 

कुछ नहीं फेकेंगे,

बूढ़े लोग 

सब कुछ फेंक सकते हैं।

- प्रभुदयाल खट्टर

सिक्का

आसमान में 

सिक्का मत उछालो। 

आसमान 

बिकाऊ नहीं है।

- प्रभुदयाल खट्टर

एक कविता

 एक कविता 

आपको चूम भी 

सकती है,

काट भी सकती है

उसे पढ़ते 

समय सावधान रहें।

 - प्रभुदयाल खट्टर 

हाथ

इंसान का हाथ 

एक ऐसा अंग है 

जिसकी निजी आंखें हैं, 

अपना निजी हृदय है, 

निजी दिमाग है, 

अपना निजी साम्राज्य है ।

- प्रभुदयाल खट्टर

आग

 तुम पानी पर पत्थर मारो, 

लाठी मारो, गोली मारो, 

पानी नहीं मरेगा, 

पानी को आग मार सकती है 

और आग 

तुम्हारे भीतर है ही नहीं ।

 - प्रभुदयाल खट्टर 

वही

 जो माता-पिता के 

समक्ष संतान है 

और जो संतान के 

समक्ष माता-पिता है, 

वही 

सनातन ईश्वर है।

- प्रभुदयाल खट्टर

सत्य

हमारे जितने सत्य हैं, 

वे कभी 

सब हमारी कल्पना थे।

- प्रभुदयाल खट्टर

लेकिन दिमाग में

 यह सच है कि जो कपड़े 

हम पहनते हैं 

उसमें, सिर्फ दो या चार 

जेबें ही होती हैं, 

लेकिन दिमाग में, 

दो या चार सौ जेबों से कम 

जेबें नहीं होती, 

या दो या चार हजार  जेबें  

होना भी संभव है ।

- प्रभुदयाल खट्टर

Sunday, June 12, 2022

देने के लिए

अगली पीढ़ी को 

देने के लिए 

आपके पास पहले से ही 

बहुत कम है, 

इसे और कम न करें।

- प्रभुदयाल खट्टर

निकट

जो तुम्हारे 

निकट हैं, 

वे उतने निकट 

नहीं 

जितने निकट 

वे हैं, 

जो तुमसे दूर हैं।

- प्रभुदयाल खट्टर

पता

कविताएं हमें 

हमारी खोई चीजों का 

पता बताती हैं।

-प्रभुदयाल खट्टर

दरवाज़ा

मैं उतनी आसानी से 

दरवाज़ा 

बंद नहीं कर सका, 

जितनी आसानी से 

तुम दरवाज़ा 

खोलकर चले गए।

- प्रभुदयाल खट्टर

आसमान

कभी समय निकाल कर, 

तुम बैठ कर 

आसमान को देखा करो, 

और सोचो कि 

आसमान, 

आसमान में क्यों है?

- प्रभुदयाल खट्टर

प्रेम की विशेषता

क्या आप जानते हैं 

प्रेम की सबसे 

बड़ी विशेषता क्या है? 

प्रेम पूरे शरीर को 

हृदय में बदल देता है।

- प्रभुदयाल खट्टर

अगर तुम

अगर तुम्हारे पास 

कुछ नहीं है 

तो भी तुम बहुत कुछ 

दे सकते हो, 

अगर तुम एक 

कलम को उठा सको ।

- प्रभुदयाल खट्टर

पहले कविता लिखो

यदि कविता 

लिखना चाहते हो तो पहले 

मनुष्य बनो,

यदि मनुष्य बनना 

चाहते हो 

तो पहले कविता लिखो।

- प्रभुदयाल खट्टर

पत्ते

 पेड़ से पत्ते 

टूट कर गिर जाते हैं, 

हम अक्सर देखते हैं

कितने ही लोग 

इस घटना को देखते हैं 

और समझते हैं 

कि पत्ते 

वास्तव में गिरते नहीं, 

बल्कि मर जाते हैं।

- प्रभुदयाल खट्टर

किताबों से डरे हुए

हमारे बच्चे ढेर सारी 

किताबों  से डरे हुए  हैं,

चलो अब नए 

स्कूल खोलें जिसमें हों 

सिर्फ मैदान खेल के । 

 - प्रभुदयाल खट्टर

इन सबसे पहले

जिन शिक्षकों ने 

मुझे कविता 

लिखना सिखाया, 

वे थे फूल, 

नदियाँ, आसमान 

और हाँ, 

इन सबसे पहले तुम । 

- प्रभुदयाल खट्टर

अंतिम उड़ान

एक पक्षी भी जो 

बहुत ऊँचा 

उड़ सकता है, 

अपनी अंतिम उड़ान 

के समय चुपचाप 

धरती पर 

आकर बैठ जाता है। 

- प्रभुदयाल खट्टर

वह वो है,

 तुम्हारे अंदर जो बैठा है, 

जो चलाता है तुम्हें, 

वह तुम नहीं हो, 

वह वो है, 

जो तुम्हें भी होना चाहिए।

- प्रभुदयाल खट्टर

भाषा

 जीवन की जो पुस्तक 

हमें पढ़ने को मिली थी, 

उसमें लिखी भाषा 

हमें कभी सीखने को 

मिली ही नहीं थी ।

- प्रभुदयाल खट्टर

बेहतर यही है

तुम्हारे पास 

इतना लंबा धागा नहीं है 

कि तुम अपने सभी 

फटे कपड़ों को सिल सको, 

बेहतर यही है 

कि तुम अपने कपड़ों को 

फटने ही न दो ।

- प्रभुदयाल खट्टर

किनारा

नदी में 

उतरने वालों के लिए, 

किनारा प्रारंभ है,

नदी से बाहर 

आने वालों के लिए 

किनारा, 

अंत है ।

-प्रभुदयाल खट्टर

टूटे पंख

 इधर-उधर बिखरे 

पंछी के टूटे पंख 

उसके 

स्वतंत्रता संग्राम के 

बारे में भी बताते हैं

हमको ।


- प्रभुदयाल खट्टर

कब्जा छोड़ दें

अपनी थाली में 

परोसा खाना खाइए,

दूसरे की थाली 

आपको दी जाएगी, 

सिर्फ इसलिए 

कि आप, 

अपनी थाली पर से 

कब्जा छोड़ दें ।


- प्रभुदयाल खट्टर

प्रेम

 हम उस जीवन की  कल्पना भी  नहीं करते  जो हम  प्रेम हो जाने के बाद  जीते हैं।  -प्रभुदयाल खट्टर